Prayer after Awakining.(प्रात:स्मरण).

Prayer after Awakining.
प्रात: स्मरण आयुष्य, जीवन रक्षक, जीवन-शक्ति, Lifemanship है|
अक्सर सुबह का टेलीफोन सन्देश किसी परिजन को लकवा (Paralysis)होने, दिल का दोरा (Heart attack), मस्तिष्क अघात (Brain Stroke), या मृत्यु (Death) होने जैसा दुखद समाचार देता है|
अधिकतर मामलों में उस व्यक्ति को पूर्व में किसी भी रोग के होने की जानकारी नहीं होती?

इन दुखद स्तिथियों का सामना व्यक्ति को लगभग प्रात: 3 से 6 AM, समय में अधिक पाया जाता है|
एसा क्यों होता है?
रात को सोते समय शरीर के मष्तिष्क सहित अधिकतर अंगों की गतिविधियाँ कम हो जातीं हैं,
उनके पोषण के लिए अधिक आक्सीजन जो खून से मिलता है, की जरुरत भी कम हो जाती है|
ऐसे व्यक्ति जो अचानक एकदम से मूत्र त्याग करने (urinate), आदि के कारण से उठकर एकदम से चल देतें हें,
इस कारण उनके मष्तिष्क में तात्कालिक आक्सिजन की कमी हो जाती है|
और मष्तिष्क या उसका कोई भाग भी अचानक काम करना बंद कर देता है|
और
ऐसे व्यक्ति की लकवा, अटेक, अघात, या मृत्यु तक हो सकती है|   
इसीलिए समस्त धर्म ग्रन्थों में निर्देश है
प्रात: उठते ही सबसे पहिले ईश्वर का स्मरण करें|
अपने हाथ उठायें, हथेलियों को सामने रख प्रार्थना या दुआ करें|
होगा यह की प्रार्थना के इस तीन चार मिनिट में खून का प्रवाह मष्तिष्क तक पहुँचने लगेगा,
और मष्तिष्क के सक्रिय होने से किसी भी अघात लकवे अदि की समस्या नहीं होगी
परमात्मा के नाम पर दिए ये तीन चार मिनिट आपकी आयु में वृद्धि कर देंगें|
इसीलिए प्रात: स्मरण को आयुष्य, जीवन रक्षक,जीवन-शक्ति, Lifemanship कहा गया है|

 समस्त चिकित्सकीय सलाह, रोग निदान एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान (शिक्षण) उद्देश्य से है| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें| इसका प्रकाशन जन हित में किया जा रहा है।
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